iVF – Test Tube Baby

टेस्ट-टयूब बेबी सेंटर की अवधारणा  

वह दम्पति जो किन्ही शारीरिक या मानसिक अक्षमता,  हर्मोन असंतुलन अथवा परिवर्तित शरीर क्रिया विज्ञानं (फिजियोलॉजी) के कारण माँ-बाप बनने में असमर्थ पा रहे हों, टेस्ट-टयूब चिकित्सा प्रणाली (IVF) उनके लिए वरदान-स्वरूप है | इस विधि में स्त्री के शरीर से अंड (Ovum) तथा पुरुष से शुक्राणु प्राप्त कर प्रयोगशाला में निषेचन (fertilization) कर भ्रूण तैयार किया जाता है|  उचित समय पर तैयार उच्च श्रेणी के भ्रूण को स्त्री-गर्भाशय में अंतरित किया जाता है | इस विधि में स्त्री द्वारा गर्भ-धारण करने की सम्भावना अधिक रहती है |

देव नन्दिनी टेस्ट टयूब बेबी सेंटर के विषय में

टेस्ट-ट्यूब बेबी सेंटर दिसम्बर 2015 में स्थापित

पी०सी०पी०एन०डी०टी० अधिनियम अन्तर्गत रजिस्टर्ड

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद् (ICMR) द्वारा मान्यता प्राप्त

विख्यात प्रसूति-विशेषज्ञ डा० विमलेश शर्मा द्वारा संचालित

बंध्यत्व रोगों की चिकित्सा में 18 वर्षो का लम्बा अनुभव्

उच्च-शिक्षित एवं अनुभवी डॉक्टरो की टीम का सहयोग   

संस्था के आदर्श तथा प्रेरणा

 

रोगी-हितार्थ प्रभावी, सुरक्षित, नवीनतम पद्दति द्वारा ईलाज

एक स्वस्थ और परिपूर्ण परिवार की कल्पना को मूर्त-रूप देना

सम्मानजनक एवं न्यायपरक व्यवहार, ईमानदारी, व् नैतिकता पालन

रोगी-चिकित्सा में गोपनीयता का पालन  

स्त्री / पुरुष में बांझपन के मुख्य कारण

अ) स्त्री बांझपन

  • अनियमित माहवारी
  • अंडदानी में अंड का निर्माण न होना अथवा अविकसित अंड निर्माण
  • नलो (फैलोपियन टयूब) में रूकावट
  • असंतुलित हर्मोन स्तर
  • अंडदानी अथवा गर्भाशय में गाँठ होना, इत्यादि

ब) पुरुष में बांझपन

  • अंडकोष में शुक्राणु न बनना अथवा शक्राणु संख्या कम होना
  • उत्तम क्वालिटी के शुक्राणु न बनना
  • शुक्राणु वाहक नलिका में रुकावट होना

टेस्ट-टयूब बेबी सेंटर किस प्रकार आपकी सहायता करता है ?

 

  • सर्वप्रथम स्त्री तथा पुरुष की जांच कर बांझपन के कारणों का पता किया जाता है |
  • यदि संभव हो तो उचित औषधि प्रबंधन अथवा हार्मोन चिकित्सा द्वारा समस्या दूर करने का प्रयास किया जाता है |
  • आवश्यकता होने पर ऑपरेशन द्वारा गांठो / रूकावटो को दूर कर बंध्यता समाप्त की जाती है
  • अन्तर्गर्भाशयिक शुक्ररोपन (Intra-uterine insemination) (IUI)

इस विधि में पुरुष से शुक्र प्राप्त कर उसका शुद्धिकरण किया जाता है तथा इस शोधित शुक्र को सीधे स्त्री-गर्भाशय में पहुंचा दिया जाता है, जिससे गर्भ-धारण की सम्भावना अधिक होती है |

सामान्य विधियों द्वारा गर्भधारण संभावित न समझे जाने अथवा असफल रहने पर इन-विट्रो निषेचन (In-Vitro Fertilization) (IVF) प्रक्रिया अपनाई जाती है |

किन लोगो को (I V F) चिकित्सा की आवश्यकता होती है ?

  • महिलायें जिनके नलें (फैलोपियन टयूब) बंद हो अथवा नष्ट हो गये हों|
  • महिलायें जिनकी नसबंदी हो चुकी हो |
  • स्त्री में अंड न बनते हों अथवा उत्तम क्वालिटी के न हों |
  • महिला की आयु अधिक हो और माहवारी बंद हो चुकी हो |
  • अंडाशय (Ovary) अथवा गर्भाशय में गांठे हो |
  • अन्तर्गर्भाशय-कला शोथ (Endometriosis) अर्थात गर्भाशय की भीतरी परत में सूजन हो |
  • जब ३-४ बार IUI विधि अपनाने से भी गर्भधारण में सफलता न मिली हो |
  • पुरुष में शुक्राणु न बनते हो, कम बनते हो अथवा उच्च क्वालिटी के न हो |

 

 

 

इन-विट्रो निषेचन (In-vitro Fertilization) (IVF) क्या है ?

 

  • इस प्रक्रिया में हार्मोन द्वारा नियंत्रित करते हुये स्त्री की डिम्बग्रंथि (Ovary) से अंड (Ovum) तथा पुरुष से शुक्र प्राप्त कर प्रयोगशाला में अंड निषेचन (Fertilization) प्रक्रिया द्वारा भ्रूण निर्माण किया जाता है तथा अनुकूल शारीरिक अवस्था में निर्मित भ्रूण को स्त्री गर्भाशय में आरोपित कर दिया जाता है | गर्भ-धारण सफल रहने की दशा में IVF प्रक्रिया संपन्न हो जाती है |

क्या हो यदि प्रोढ़ स्त्री को अंडे बनना बंद हो गये हों अथवा पुरुष में शुक्राणु न बनते हों ?

 

  • ऐसी अवस्था में किन्ही दानदाता स्त्री से अंड अथवा पुरुष से शुक्र प्राप्त कर गर्भ-धारण प्रक्रिया पूर्ण की जाती है |
  • यदि स्त्री गर्भाशय किन्ही कारणों से गर्भ-धारण करने में अक्षम हो तो एग्रीमेंट आधार पर अन्य स्त्री (Surrogate) गर्भाशय में भ्रूण स्थापित कर दिया जाता है तथा सैरोगेट स्त्री द्वारा सफल डिलीवरी उपरान्त उत्पन्न शिशु उसके जैविक माता-पिता को सुपुर्द कर दिया जाता है |

An IVF department named Dev Nandini Test Tube Baby Centre was inaugurated under Dev Nandini Hospital, Garh Road, Hapur on 6th June 2016 under the supervision of Dr. Vimlesh Sharma, MBBS, MS (Gynae & Obst). The department is managed with the active co-operation of (1) Dr. Shyam Kumar, MBBS, MS (2) Dr. Shiv Kumar, MBBS, MD (3) Dr.Govind Singh, MBBS, MS and assisted by the qualified technical staff.